राम राम सा..जय वीर तेजाजी....वीर तेजाजी इतिहास अवलोकन की अगली कड़ी में आज आपको नागौर जिले के एक गांव लूणसरा की जानकारी देना चाहेंगे जो वीर तेजाजी महाराज के आशीर्वाद से फल फूल रहा है।..सर्वप्रथम मैं मेरे मित्रों झूमर जी डूकिया जायल व रामस्वरूप जी जाट लूणसरा को धन्यवाद देना चाहूंगा जिनके कारण लूणसरा गांव के इस चमत्कारी तेजाधाम का दर्शन करने का आप और हमें मौका मिला।...पिछली बार हमने आपको तेजा पथ की जानकारी दी थी। इसी तेजा पथ के अंतर्गत यह लूणसरा गांव मौजूद है। जन्मस्थली खरनाल से 60 किमी पूर्व में यह गांव जायल तहसिल में अवस्थित है।ससुराल जाते वक्त तेजाजी महाराज व लीलण के शुभ चरणों ने इस गांव को धन्य किया था। गांव वासियों के निवेदन पर तेजाजी महाराज ने यहां रतवासा किया था। आज भी ग्रामवासी दृढ़ मान्यता से इस बात कोस्वीकारते है।उस समय यह गांव अभी के स्थान से दक्षिण दिशा में बसा हुआ था। उस जमाने में यहां डूडी व छरंग जाटगौत्रों का रहवास था। मगर किन्हीं कारणों से ये दोनों गौत्रे अब इस गांव में आबाद नहीं है।फिलहाल इस गांव में सभी कृषक जातियों का निवास है। गांव में लगभग 1500 घर है। नगवाडिया, जाखड़, सारण गौत्र के जाट यहां निवासित है। ऐसी मान्यता है कि पुराना गांव नाथजी के श्राप से उजड़ गया था। पुराने गांव के पास 140 कुएं थे जो अब जमींदोज हो गये हैं। उस जगह को अब 'सर' बोलते है। एक बार आयी बाढ से इनमें से कुछ कुएं निकले भी थे।...सन् 2003 में इस गांव में एक अनोखी घटना घटी। अकाल राहत के तहत यहां तालाब खौदा जा रहा था।जहां एक पुराना चबूतरा जमीन से निकला। वहीं पास की झाड़ी से एक नागदेवता निकला, जिसके सिर पर विचित्र रचना थी। नागदेवता ने तालाब में जाकर स्नान किया और उस चबूतरे पर आकर बैठ गया। ऐसा 2-4 दिन लगातार होता रहा। उसके बाद गांववालों ने मिलकर यहां भव्य तेजाजी मंदिर बनवाया। प्राण प्रतिष्ठा के समय रात्रि जागरण में भी बिना किसी को नुकसान पहुंचाये नाग देवता घुमते रहे। इस चमत्कारिक घटना के पश्चात तेजा दशमी को यहां भव्य मेला लगने लग गया। वह नाग देवता अभी भी कभी कभार दर्शन देते हैं।उक्त चमत्कारिक घटना तेजाजी महाराज का इस गांव से संबंध प्रगाढ़ करती है। गांव गांव का बच्चा इसऐतिहासिक जानकारी की समझ रखता है कि ससुराल जाते वक्त तेजाजी महाराज ने गांववालों के आग्रह पर यहां रात्रीविश्राम किया था।(चित्र में पुराने व नये दोनों तेजाजी मंदिरो को दर्शाया गया है। पहले यहां छौटा सा थान हुआ करता था। बाद में गांववालों ने मिलकर भव्य मंदिर का निर्माण करवाया)---जय वीर तेजाजी महाराजBalveer Ghintala 'तेजाभक्त'मकराना नागौर+91-9024980515-संत कान्हाराम जीसुरसुरा+91-9460360907

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